Menu

Don't Miss

पत्थर से दिल लगाया और दिल पे चोट खाई !

यह संवेदनहीनता की इन्तेहा ही थी।बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में छेड़खानी की लगातार बढती घटनाओं और इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन की मूढ़ता और उदासीनता से परेशान विश्वविद्यालय की सैकड़ों लडकियां अपनी फ़रियाद सुनाने के लिए विश्वविद्यालय के गेट पर खड़ी दो दिनों के बनारस दौरे पर गए अपने सांसद और देश के प्रधानमंत्री मोदी की बाट जोहती रही।

Read more ...

take-off

  • एक देवी मंदिर जहां स्त्रियों का प्रवेश वर्जित है !

    विचित्र लगता है कि बिहार में देवी का एक ऐसा मंदिर भी है जिसमें स्त्री-शक्ति के सम्मान के नौ दिवसीय पर्व नवरात्रि का आरम्भ होते ही स्त्रियों का प्रवेश वर्जित हो जाता है। यह मंदिर है बिहार के नालंदा जिले में बुद्ध की कर्मभूमि राजगीर और महावीर के निर्वाण-स्थल पावापुरी के बीच ग्राम घोसरावां स्थित माता आशापुरी मंदिर। मगध साम्राज्य के पाल काल में

     
  • नवरात्र का कर्मकांड

    स्त्री-शक्ति के प्रति सम्मान के नौ दिवसीय पर्व शारदीय नवरात्र का आरम्भ हो रहा है। यह अवसर है नमन करने का उस सृजनात्मक शक्ति को जिसे ईश्वर ने स्त्रियों को सौंपा है। उस अथाह प्यार, ममता और करुणा को जो कभी मां के रूप में व्यक्त होता है, कभी बहन, कभी बेटी, कभी मित्र, कभी प्रिया और कभी पत्नी के रूप में।

     
  • MICHAEL JACKSON A PRODIGY

    Michael Jackson was always a mystery to his fans and critics.  MJ had an enigmatic personality; his death was a shrouded mystery.  He gave us a music which has no parallel Chandra till the date he was practicing music till 48 hours before he die. The last decade of his life became murky for all the hearsay and rumors.

     
vegetarians.jpg

Social Issues

एक देवी मंदिर जहां स्त्रियों का प्रवेश वर्जित है !

विचित्र लगता है कि बिहार में देवी का एक ऐसा मंदिर भी है जिसमें स्त्री-शक्ति के सम्मान के नौ दिवसीय पर्व नवरात्रि का आरम्भ होते ही स्त्रियों का प्रवेश वर्जित हो जाता है। यह मंदिर है बिहार के नालंदा जिले में बुद्ध की कर्मभूमि राजगीर और महावीर के निर्वाण-स्थल पावापुरी के बीच ग्राम घोसरावां स्थित माता आशापुरी मंदिर। मगध साम्राज्य के पाल काल में

Read more ...
 

नवरात्र का कर्मकांड

स्त्री-शक्ति के प्रति सम्मान के नौ दिवसीय पर्व शारदीय नवरात्र का आरम्भ हो रहा है। यह अवसर है नमन करने का उस सृजनात्मक शक्ति को जिसे ईश्वर ने स्त्रियों को सौंपा है। उस अथाह प्यार, ममता और करुणा को जो कभी मां के रूप में व्यक्त होता है, कभी बहन, कभी बेटी, कभी मित्र, कभी प्रिया और कभी पत्नी के रूप में।

Read more ...
 

कब मोह भंग होगा हमारा छद्म गुरूओं से

एक ओर आत्मघोषित गुरू का भांडाफोड़ हुआ। कल तक ऐश्वर्य की गोद में रंग-रंगेलिया मनाने वाला ‘भक्तों का भगवान’ अब बाकी की जिंदगी, आसाराम और रामलाल की तरह जेल की सलाखों के पीछे काटेगा। सच्चे भक्तों की पीड़ा, मैं समझ सकता हूँ, क्योंकि मैंने कुछ ऐसा मंजर बहुत करीब से देखा है और उसके खिलाफ देशभर में, आवाज भी बुलंद की थी।

Read more ...
 

Editor's Pick

चाहिए देवत्व, पर इस आग को धर दूं कहां मैं !

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर हिंदी की छायावादोत्तर कवियों की पहली पीढ़ी के ऐसे कवि थे जिनकी कविताओ में एक ओर विद्रोह, आक्रोश और क्रान्ति का तेज है तो दूसरी ओर कोमल श्रृंगारिक भावनाओं और प्रेम की इतनी कोमल अभिव्यक्ति जिसकी बारीकी पढ़ने वालों को सहसा स्तब्ध कर देती है। उन्होंने 'कुरुक्षेत्र', 'हुंकार', 'रश्मिरथी', 'परशुराम की प्रतीक्षा' जैसी काव्य रचनाओं

Read more ...
 

E-Learning Technology for Teachers

As technology intrude your classroom, the very atmosphere of teaching become more dynamic.  The concept of education should be combined with technology. It would be the ultimate aim of technology or there is no use for invention.  Students will be happier, more curious to see how the teachers

Read more ...
 

खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक नहीं

हवा, पानी और भोजन आदमी की जिंदगी की बुनियादी जरूरत हैं। अगर इनमें ही मिलावट होगी, तो जनता कैसे जियेगी? खाद्यान में मिलावट के नियम कितने भी सख्त हों, जब तक उनको ठीक से लागू नहीं किया जायेगा, इस समस्या का हल नहीं निकल सकता। आज मिलावट का कहर सबसे ज्यादा हमारी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर ही पड़ रहा है।

Read more ...
 
Go to top