Menu

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive
 

कल देर रात वडाली ब्रदर्स का गाया फिल्म 'तनु वेड्स मनु' का गीत 'रंगरेज मेरे' सुनकर सोया था। आज सुबह उठा तो खबर मिली कि उस्ताद पूरनचंद वडाली और उस्ताद प्यारेलाल वडाली की जोड़ी टूट गई। उस्ताद प्यारेलाल का आज सुबह अमृतसर के फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। यह निधन संगीत के एक युग के अवसान जैसा है।

समकालीन हिंदुस्तानी सूफी संगीत को शिखर तक ले जाने का श्रेय वडाली बंधुओं को जाता है। जब वे साथ गाते थे तो ऐसा महसूस होता था जैसे प्रार्थना का कोई गंभीर स्वर तेजी से आकाश की ओर लपकता चला जा रहा है। उनकी आवाज़ की कशिश ऐसी थी कि सामान्य सा कोई प्रेम गीत भी उनका स्पर्श पाकर अध्यात्म की ऊंचाईयां छू लेता था। वैसे तो वडाली बंधुओं का कोई भी गीत या क़व्वाली सुनना अपने आप में एक अलग और अतीन्द्रिय अनुभव है, लेकिन उनके जिन कुछ गीतों और क़व्वालियों ने दुनिया भर में लोकप्रियता का परचम लहराया उनमें से कुछ प्रमुख हैं - तू माने या न माने दिलदारा, रंगरेज़ मेरे, याद पिया की आए, चिट्ठिये, तेरे इश्क़ नचाया, घूंघट चक दे सजना, इश्क़ बड़ा बेदर्दी, बुल्ले की जाना मैं कौन, चेहरा मेरे यार का, अब तो जाग मुसाफिर प्यारे, तेरियां बेपरवाहियां रब्बा, दमादम मस्त कलंदर और चेहरा मेरे यार का। गायकों की यह अप्रतिम जोड़ी सूफी गीतों और क़व्वालियों के अलावा अपने भजनों और ग़ज़लों के लिए भी जानी जाती है। इन्होंने बुल्ले शाह, संत कबीर और अमीर खुसरो के कई गीतों को अपनी बुलंद आवाज़ और शानदार अदायगी बख्शी थी। दोनों चाहे स्टेज पर लाइव परफॉरमेंस दें या स्टूडियो में अपने गीतों की रिकॉर्डिंग कराएं, दोनों दो जिस्म, एक रूह हो जाते थे। दोनों के बीच आवाजों, सुरों और टाइमिंग की जैसी जबरदस्त समझ थी, वह सुनने और देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती थी। उनमें से किसी एक के बगैर दूसरे की कल्पना नहीं की जा सकती थी। प्यारेलाल जी के बगैर पूरनचंद जी अब शायद अधूरे हो जाएंगे और आधी-अधूरी प्रार्थनाएं रूहों तक का सफ़र तय नहीं करतीं।

उस्ताद प्यारेलाल वडाली को हमारी विनम्र श्रद्धांजलि !

 

Courtesy: Dhruv Gupt

PRESS RELEASE OF AETM 2018

Research education is having an ageless impression for its most dynamic future and it is exclusively notable for the researchers to find the indelible discovery. 4th International Conference on Advancements in Engineering, Technology and Management has taken place at “The Ten, Eastin Hotel, Makassan, Bangkok, Thailand,

Read more ...
 

चुनावी माहौल में उलझते बुनियादी सवाल

2019 के चुनावों की पेशबंदी शुरू हो गयी है। जहां एक तरफ भाजपा भविष्य के खतरे को देखते हुए रूठे साथियों को मनाने में जुटी है, वहीं विपक्षी दल आपसी तालमेल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। दोनों ही पक्षों की तरफ से सोशल मीडिया पर मनोवैज्ञानिक युद्ध जारी है। जहां भाजपा का सोशल मीडिया देशवासियों को मुसलमानों का डर दिखाने में जुटा है, वहीं  विपक्षी मीडिया, जो अभी कम आक्रामक

Read more ...
 

मोदी जी की साफ नीयत: सही विकास

राजनेताओं द्वारा जनता को नारे देकर, लुभाने का काम लंबे समय से चल रहा है। ‘जय जवान-जय किसान’, ‘गरीबी हटाओ’, ‘लोकतंत्र बचाओ’, ‘पार्टी विद् अ डिफरेंस’ व पिछले चुनाव में भाजपा का नारा था, ‘मोदी लाओ-देश बचाओ’। जब से मोदी जी सत्ता में आऐ हैं, भारत को परिवर्तन की ओर ले जाने के लिए उन्होंने बहुत सारे नये नारे दिये, जिनमें से एक है, ‘साफ नीयत-सही विकास’।

Read more ...
 
Go to top