Menu

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive
 

 

दुनिया की कोई भी विचारधारा या कोई भी धर्म एक इंसानी जान से ज्यादा कीमती नहीं हो सकते,लेकिन दुर्भाग्य से दुनिया में सबसे ज्यादा इंसानी हत्याएं धर्म या विचारधारा के नाम पर ही हुई है। आधुनिक विश्व में विचारधारा के नाम पर क़त्लेआम का सबसे वीभत्स रूप वामपंथ ने दिखाया है।

रूस,चीन और कुछ अन्य कम्युनिस्ट देशों में मार्क्सवाद, माओवाद से असहमति रखने वाले लाखों लोगों का जिस बेरहमी से क़त्लेआम किया गया, वह हमारे समय का सबसे बड़ा कलंक है। आज़ादी के बाद भारत में विचारधारा के नाम पर हत्याओं की शुरुआत भी वामपंथ के एक घड़े माओवाद या नक्सलवाद द्वारा हुई जो आज भी बेरोकटोक ज़ारी है। घुर वामपंथ के बाद विचारधारा के नाम पर क़त्लेआम की ज़िम्मेदारी पिछले कुछ सालों से देश में घुर दक्षिणपंथ ने उठा लिया है। वैचारिक असहमति के नाम पर प्रखर पत्रकार गौरी लंकेश की कायराना हत्या और कुछ कट्टर संगठनों द्वारा इस हत्या का जश्न इसी दक्षिणपंथी फासीवाद के सिलसिले की कड़ी है। नक्सलियों द्वारा पेट के लिए सत्ता की बंदूकें ढोने वाले जवानों की हत्या के बाद कुछ वामपंथी बुद्धिजीवियों को भी हमने ऐसा ही जश्न मनाते देखा है। कट्टर वामपंथ के बाद अब कट्टर दक्षिणपंथ द्वारा देश में असहमति रखने वाले लोगों को जिस तरह ठिकाने लगाया जा रहा है, पीटा जा रहा है या ट्रोल किया जा रहा है, वह बेहद चिंताजनक स्थिति है। भारतीय लोकतंत्र के लिए यह बुरा और चुनौतियों से भरा समय है। समय रहते इस फासीवादी प्रवृति का चौतरफ़ा विरोध होना चाहिए, लेकिन दिक्कत यह है कि प्रगतिशीलता के नाम पर हमारा विरोध भी आमतौर पर एकतरफ़ा ही होता है। और शायद इसीलिए बेअसर भी। इस एकतरफ़ा विरोध से कट्टर दक्षिणपंथी ताकतों को ख़ुराक भी मिल रही है और ताक़त भी। हमारा कोई भी विरोध तबतक बेअसर रहेगा जब तक हम वामपंथी और दक्षिणपंथी - दोनों तरह के फासीवाद के खिलाफ़ एक साथ नहीं उठ खड़े होते।

 

Courtesy: Dhruv Gupt

नीरव मोदी, गुप्ता बंधु और नरेश गोयल में क्या समान है ?

पंजाब नेशनल बैंक ही नहीं, अभी और भी कई बैंक इसकी चपेट में आने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते के 3 बड़े घोटालों के बीच एक व्यक्ति का नाम हर जगह उभर कर आ रहा है और वो है जैट ऐयरवेज़ के मालिक नरेश गोयल का। जैट ऐयरवेज़ की हवाई उड़ानों पर नीरव मोदी के विज्ञापन अभी तक प्रसारित हो रहे हैं। इन दोनों कंपनियों के बीच आर्थिक लेनदेन का जो कारोबार चल रहा है,

Read more ...
 

श्रीमती चौधरी की हंसी !

इस देश की सरकार और प्रधानमंत्री की नीतियों से हमारी असहमति अपनी जगह पर सही है, लेकिन कल लोकतंत्र के मंदिर संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री के वक्तव्य के दौरान कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी का बेहूदा अट्टहास बेहद शर्मनाक था। उससे ज्यादा शर्मनाक था देश के प्रधानमंत्री का उनकी हंसी की तुलना रामायण सीरियल के किसी राक्षस से करना.!

Read more ...
 

i-Proclaim Annual Research Award, 2017

It is indeed an astounding pleasure to convey that i-Proclaim 3rd Annual Research Conference (About Business, Humanity and Law) has already been organized on 31st December, 2017 at Mini Auditorium, IIUM in Kuala Lumpur, Malaysia. This prestigious international event has provided the scholarly academic platform

Read more ...
 
Go to top