Menu

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive
 

पाकिस्तान में बैठ कर कश्मीर में आतंकी गतिविधियों का संचालन करने वाले सलाहुद्दीन को अमेरिका ने वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया तो इसमें इतना खुश होने की क्या बात हो गई ? इसके पहले भी हाफ़िज़ सईद सहित कई पाकिस्तानी आतंकियों को वह ग्लोबल आतंकी घोषित कर चुका है। हमारे देश के लिए कहीं कोई फ़र्क पड़ा ? 'हम आतंक से मिल कर लड़ेंगे',

'हम मिल कर आतंक का खात्मा करेंगे' - ये ऐसे घिसे-पिटे वक्तव्य हैं जो दो राष्ट्राध्यक्षों के मिलने के बाद अक्सर ज़ारी किए ही जाते हैं। सच यह है कि हर देश सिर्फ अपने शत्रु आतंकियों के ख़िलाफ़ लड़ता है। भारत के आतंकी भारत की समस्या हैं। उनसे निबटने के लिए अमेरिका, जापान, फ्रांस या कोई भी दूसरा देश आगे नहीं आने वाला। आतंक के ख़िलाफ़ अपने हिस्से की लड़ाई आपको खुद लड़नी है - यह बात जितनी जल्दी समझ आ जाए उतना अच्छा। हमारा देश आतंक से दो-दो हाथ करने में सक्षम है। कटोरा लेकर दूसरे मुल्कों से मदद या सहानुभूति की भीख मांगने से बेहतर है कि दृढ निश्चय कर कश्मीर में आतंकियों, अलगाववादी हुर्रियत नेताओं और हाथ में पाकिस्तान या आई.एस का झंडा लेकर पत्थरबाजी करने वालों पर बेरहमी से टूट पड़िए ! उन्हें पाकिस्तान या दूसरे देशों से आने वाले धन के स्रोत काट डालिए ! पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करिए ! और हां, यह भी याद रखिए कि देश में आतंक सिर्फ कश्मीर में नहीं है। देश के दूसरे हिस्सों में नक्सलवाद के नाम पर नरसंहार करने वाले दरिंदों, गोरक्षा के नाम पर मुसलमानों की हत्या का बर्बर अभियान चलाने वाले गोरक्षक वहशियों और धर्म के नाम पर देश की जड़ों को काटने वाले धार्मिक उन्मादियों को भी उसी निर्ममता से कुचल डालिए।
यह देश आज़ादी के बाद अभी अपने अस्तित्व के सबसे बड़े संकट से गुज़र रहा है। देश को बचाना है तो कुछ कठोर और अप्रिय क़दम उठाने होगे। आप शुरुआत तो कीजिए, दुनिया के तमाम देश आपसे सबक भी लेंगे और आपके समर्थन में आगे भी आएंगे। अभी तो दुनिया की नज़रों में आप आतंकियों के 'सॉफ्ट टारगेट' और दया के पात्र ही बने हुए हैं !

Courtesy: Dhruv Gupt

PRESS RELEASE OF AETM 2018

Research education is having an ageless impression for its most dynamic future and it is exclusively notable for the researchers to find the indelible discovery. 4th International Conference on Advancements in Engineering, Technology and Management has taken place at “The Ten, Eastin Hotel, Makassan, Bangkok, Thailand,

Read more ...
 

चुनावी माहौल में उलझते बुनियादी सवाल

2019 के चुनावों की पेशबंदी शुरू हो गयी है। जहां एक तरफ भाजपा भविष्य के खतरे को देखते हुए रूठे साथियों को मनाने में जुटी है, वहीं विपक्षी दल आपसी तालमेल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। दोनों ही पक्षों की तरफ से सोशल मीडिया पर मनोवैज्ञानिक युद्ध जारी है। जहां भाजपा का सोशल मीडिया देशवासियों को मुसलमानों का डर दिखाने में जुटा है, वहीं  विपक्षी मीडिया, जो अभी कम आक्रामक

Read more ...
 

मोदी जी की साफ नीयत: सही विकास

राजनेताओं द्वारा जनता को नारे देकर, लुभाने का काम लंबे समय से चल रहा है। ‘जय जवान-जय किसान’, ‘गरीबी हटाओ’, ‘लोकतंत्र बचाओ’, ‘पार्टी विद् अ डिफरेंस’ व पिछले चुनाव में भाजपा का नारा था, ‘मोदी लाओ-देश बचाओ’। जब से मोदी जी सत्ता में आऐ हैं, भारत को परिवर्तन की ओर ले जाने के लिए उन्होंने बहुत सारे नये नारे दिये, जिनमें से एक है, ‘साफ नीयत-सही विकास’।

Read more ...
 
Go to top