Menu

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive
 

चीन द्वारा सिक्किम में नाथूला सीमा पर कैलाश मानसरोवर के यात्रियों को रोकने की घटना विस्तारवादी चीन की दबंग कूटनीति का हिस्सा है। इसे उसकी भावनात्मक ब्लैकमेलिंग भी कहा जा सकता है जिसके माध्यम से वह सिक्किम और भूटान के क्षेत्र से गुजरने वाली अपनी निर्माणाधीन सड़क पर भारत के विरोध को कमज़ोर करना चाहता है। सिक्किम ही क्यों, भारत की आज़ादी

के बाद चीन उत्तराखंड, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के भी कई हिस्सों पर अपना दावा ठोकता रहा है। अपने दावों के समर्थन में उसके पास एतिहासिक और सांस्कृतिक दस्तावेज़ भी हैं। यह सही है कि भारत और चीन के बीच सीमाओं का निर्धारण कभी हो ही नहीं पाया। वहां सब कुछ कामचलाऊ ही है। चीन की दबंगई की वज़ह से बातचीत और सीमाओं के निर्धारण की कई कोशिशें नाकाम हो चुकी है। लेकिन सच यह भी है कि सीमाओं की अस्पष्टता की हालत में भारत के तमाम क्षेत्रों पर दस्तावेजों के आधार पर आज तक चीन ही दावा करता रहा है। भारत की भूमिका इस मसले पर हमेशा रक्षात्मक ही रही है। भारत चाहता तो चीन को वार्ता के टेबुल पर लाने के लिए ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक साक्ष्यों के आधार पर चीन के कुछ भाग पर दावा कर सकता था। कैलाश मानसरोवर उनमें से एक है। यह क्षेत्र हज़ारों वर्षों से भारतीय संस्कृति का केंद्र और हिन्दुओं के देवता भगवान शिव, देवी पार्वती, गणेश और कार्तिकेय का आवास रहा है। धार्मिक, सांस्कृतिक या ऐतिहासिक आधार पर चीन का इस क्षेत्र पर कोई दावा नहीं बनता। वैसे तो प्राचीन काल से समूचा तिब्बत ही चीन के बजाय भारतीय संस्कृति के ज्यादा निकट रहा है। अपनी भीरुता के कारण भारत ने इसपर दलाई लामा की निर्वासित सरकार की जगह चीन की प्रभुता स्वीकार कर ली थी।
क्या आपको नहीं लगता कि चीन की आक्रामक सीमा-नीति को देखते हुए हमें भी कम से कम कैलाश मानसरोवर पर साक्ष्यों के आधार पर थोड़ी आक्रामकता दिखानी चाहिए ?

Courtesy: Dhruv Gupt

नीरव मोदी, गुप्ता बंधु और नरेश गोयल में क्या समान है ?

पंजाब नेशनल बैंक ही नहीं, अभी और भी कई बैंक इसकी चपेट में आने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते के 3 बड़े घोटालों के बीच एक व्यक्ति का नाम हर जगह उभर कर आ रहा है और वो है जैट ऐयरवेज़ के मालिक नरेश गोयल का। जैट ऐयरवेज़ की हवाई उड़ानों पर नीरव मोदी के विज्ञापन अभी तक प्रसारित हो रहे हैं। इन दोनों कंपनियों के बीच आर्थिक लेनदेन का जो कारोबार चल रहा है,

Read more ...
 

श्रीमती चौधरी की हंसी !

इस देश की सरकार और प्रधानमंत्री की नीतियों से हमारी असहमति अपनी जगह पर सही है, लेकिन कल लोकतंत्र के मंदिर संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री के वक्तव्य के दौरान कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी का बेहूदा अट्टहास बेहद शर्मनाक था। उससे ज्यादा शर्मनाक था देश के प्रधानमंत्री का उनकी हंसी की तुलना रामायण सीरियल के किसी राक्षस से करना.!

Read more ...
 

i-Proclaim Annual Research Award, 2017

It is indeed an astounding pleasure to convey that i-Proclaim 3rd Annual Research Conference (About Business, Humanity and Law) has already been organized on 31st December, 2017 at Mini Auditorium, IIUM in Kuala Lumpur, Malaysia. This prestigious international event has provided the scholarly academic platform

Read more ...
 
Go to top