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इस देश की सरकार और प्रधानमंत्री की नीतियों से हमारी असहमति अपनी जगह पर सही है, लेकिन कल लोकतंत्र के मंदिर संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री के वक्तव्य के दौरान कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी का बेहूदा अट्टहास बेहद शर्मनाक था। उससे ज्यादा शर्मनाक था देश के प्रधानमंत्री का उनकी हंसी की तुलना रामायण सीरियल के किसी राक्षस से करना.!

आज देश के गृह राज्यमंत्री किरण रिजूजू ने श्रीमती चौधरी की हंसी को रावण की बहन शूर्पनखा की हंसी करार देकर तो हद ही कर दी। जनता की दिन-ब-दिन बढती मुश्किलों और देश के भीतर और सीमाओं पर लगातार बढती अराजकता पर किसी सार्थक विमर्श और इन्हें सुलझाने की ईमानदार कोशिशों में विफल देश की सत्ता जिस तरह लगातार झूठ, नौटंकी और प्रतिगामी मूल्यों का सहारा ले रही है और देश का विपक्ष जैसा दिशाहीन और भोंदू साबित हो रहा है, वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए ख़तरे की चेतावनी है।

क्या हमने देश की सत्ता और उसका विपक्ष दोनों ज़ाहिल, नालायक़ और ग़ैरज़िम्मेदार लोगों को नहीं सौंप दी है ?

 

Courtesy: Dhruv Gupt

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