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It is the truth which 
never was. After many 
deaths I will come to you 
to repeal my verses. 

The festering earth was 
making the rains green, 
to suck the dry sands 
thrown by the angry winds. 

The soul upturns the body. 
You will crawl in a tunnel 
to come out for sedation 
accepting the karma. 

A non-acceptance of the 
straitjacket. Let the anxiety 
rise like a beast.

नानक शाह फकीर फिल्म पर विवाद क्यों?

सिक्ख धर्म संस्थापक परमादरणीय गुरू नानक देव जी के जीवन व शिक्षाओं पर आधारित फिल्म ‘नानक शाह फकीर’ काफी विवादों में है। सुना है कि शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी और कुछ सिक्ख नेता इसे रिलीज नहीं होने देना चाहते। उनका कहना है कि गुरू नानक जी पर फिल्म नहीं बनाई जा सकती । क्योंकि उनका किरदार कोई मनुष्य नहीं निभा सकता।

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राजनीति से असली मुद्दे नदारद

देश में हर जगह कुछ लोग आपको ये कहते जरूर मिलेंगे कि वे मोदी सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि मजदूर किसान की हालत नहीं सुधरी, बेरोजगारी कम नहीं हुई, दुकानदार या मझले उद्योगपति अपने कारोबार बैठ जाने से त्रस्त हैं, इन सबको लगता है कि 4 वर्ष के बाद भी उन्हें कुछ मिला नहीं बल्कि जो उनके पास था, वो भी छिन गया। जाहिर है

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Ishika Mukherjee: new sensation

In this dreamy ideology a number of enriched vocalists have produced their remarkable stature of voice in engaging our national legacy already. Respected “Ishika Mukherjee” is one of them. She is the real iconic personality our “City of Joy”, Kolkata has ever produced not only to enlist her leading articulations but to pay her

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