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Your hands tremble, 
when you accept― 
the cup of hemlock. 

Not like Socrates, 
who described the ascending bane 
paralyzingly. 

Art of letting it go― 
was inherent. Exogamy. 
The root population grows. 

I have come to take 
your hand, O death, 
out of caste. 

You tell me, 
it was out of turn, 
to stitch the black wound. 

The howling was persistent― 
Moon was not yet sighted.

राम मंदिर अयोध्या में ही क्यों बने

अभी कुछ ही दिन पहले देश के कुछ जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, फिल्मकारों ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका देकर प्रार्थना की है कि अयोध्या में राम मंदिर या मस्जिद ना बनाकर, एक धर्मनिरपेक्ष इमारत का निर्माण किया जाए। ये कोई नई बात नहीं है, जब से राम जन्भूमि आंदोलन चला है, इस तरह का विचार समाज का एक वर्ग खासकर वे लोग

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आज पुरानी राहों से कोई मुझे आवाज़ न दे !

पिछली सदी के चौथे दशक में दिलीप कुमार उर्फ़ युसूफ खान का उदय भारतीय सिनेमा की शायद सबसे बड़ी घटना थी। एक ऐसी घटना जिसने हिंदी सिनेमा की दशा और दिशा ही बदल दी। दिलीप कुमार हिंदी सिनेमा के पहले महानायक हैं। वे पहले अभिनेता हैं जिन्होंने यह साबित किया कि बगैर शारीरिक हावभाव और बड़े-बड़े संवादों के चेहरे की भंगिमाओं, आंखों और ख़ामोशी से भी

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एक थके हुए कवि का बयान !

ईरान के इकतीस साल के सबीर हका की कविताओं ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी हैं। युवा सबीर पेशे से ईंट ढोने वाले मजदूर हैं जिनके पास सड़कों के अलावा सोने को कोई जगह नहीं है। संघर्षों से उपजी उनकी कविताएं अपनी सादगी, संवेदना और शब्दों के पीछे छुपी करुणा की वज़ह से पढ़ने वालों पर गहरा असर छोड़ती हैं। ईरान में शब्दों पर अभी ज़ारी सेंसरशिप

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