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उत्तर प्रदेश की गोरखपुर और फूलपुर तथा बिहार की अररिया लोकसभा सीट पर भाजपा की असफलता को बहुत सारे लोग उसके अंत की शुरुआत मान रहे हैं। कुछ अति उत्साही मित्रों ने तो 2019 के चुनाव के बाद बाक़ायदा राहुल गांधी, मायावती या ममता बनर्जी के नेतृत्व में विपक्ष की सरकार बनने की घोषणा भी कर दी है। मुझे लोगों की ऐसी भविष्यवाणियों पर भरोसा नहीं होता। पिछले कई

दशकों का अनुभव बताता है कि देश में कब किसकी सरकार बनेगी, इसका आकलन राजनीति के सबसे सटीक मौसम वैज्ञानिक और सदाबहार केंद्रीय मंत्री कहे जाने वाले 'बिहार के लाला' रामविलास पासवान से बेहतर कोई नहीं कर सकता। आजतक उनके लगभग तमाम अनुमान सही साबित हुए हैं। अपने इसी अनुमान के बल पर वे सही वक़्त पर पाला बदल कर हर मंत्रिमंडल में अपना बर्थ सुरक्षित कराते आए हैं। अगर अगले लोकसभा चुनाव तक वे एन.डी.ए का हिस्सा बने रहे तो निश्चित जानिए कि अगली सरकार भी मोदी जी की ही बनेगी। अगर वे पाला बदलकर एक बार फिर यू.पी.ए या विपक्षी दलों के किसी मोर्चे में शामिल हो गए तो मैं मान लूंगा कि इंटरनेशनल फ़क़ीर के झोला लेकर भाग खड़े होने का टाइम आ गया है।

हालांकि छोटे मौसम वैज्ञानिक चिराग पासवान ने एन.डी.ए में सब कुछ सही नहीं होने का संकेत दे दिया है, लेकिन जे है से कि कोई भी भविष्यवाणी करने के पहले मैं रामविलास सर के अगले कदम की प्रतीक्षा करूंगा।

 

Courtesy: Dhruv Gupt

True Love


My Perception:----The whole world is based on Love and EMOTIONs.It is Emotions that rule the world and everyone in the world is EMOTIONAL.I encourage Love marriages.
Introduction:---
The word LOVE can have a variety of meanings in different contexts.

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PRESS RELEASE OF AETM 2018

Research education is having an ageless impression for its most dynamic future and it is exclusively notable for the researchers to find the indelible discovery. 4th International Conference on Advancements in Engineering, Technology and Management has taken place at “The Ten, Eastin Hotel, Makassan, Bangkok, Thailand,

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चुनावी माहौल में उलझते बुनियादी सवाल

2019 के चुनावों की पेशबंदी शुरू हो गयी है। जहां एक तरफ भाजपा भविष्य के खतरे को देखते हुए रूठे साथियों को मनाने में जुटी है, वहीं विपक्षी दल आपसी तालमेल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। दोनों ही पक्षों की तरफ से सोशल मीडिया पर मनोवैज्ञानिक युद्ध जारी है। जहां भाजपा का सोशल मीडिया देशवासियों को मुसलमानों का डर दिखाने में जुटा है, वहीं  विपक्षी मीडिया, जो अभी कम आक्रामक

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