Menu

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive
 

सोशल मीडिया पर मूर्खताओं की नई खेप आई हुई है। लोग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के इस आदेश का मज़ाक उड़ा रहे हैं कि उन्होंने प्रदेश के सभी रैंक के अफसरों को यह आदेश दिया है कि उन्हें प्रदेश के विधायकों का खड़े होकर स्वागत करना है, खड़े होकर उन्हें विदा करना है और व्यवहार तथा बातचीत में उनकी प्रतिष्ठा का ख्याल रखना है।

बहुत से लोगों को यह आदेश अफसरों को विधायकों का चपरासी या अधीनस्थ बना देने की सरकार की साज़िश लग रही है। उन्हें पता नहीं कि यह एक ऐसा प्रोटोकोल है जो देश के हर राज्य में लागू है और लागू होना भी चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधायक और सांसद जनता के प्रतिनिधि होते हैं और अफसर जनता के सेवक। अफसर कितना भी बड़ा हो,उसका क़द जनता से ऊपर नहीं हो सकता। जनता ने अगर किसी अनपढ़, मूर्ख या अपराधी को ही अपना विधायक या सांसद चुना है तो यह जनता का मसला है। जनता के किसी सेवक को जनता के विवेक को चुनौती देने का अधिकार नहीं है। जब भी कोई विधायक या सांसद उसके पास जाए, अफसर को खड़े होकर उसका अभिवादन करना है और खड़े होकर सम्मान के साथ ही उसे विदा करना है। जनप्रतिनिधियों के पास उसके क्षेत्र के लोग अपनी शिकायतें लेकर जाएंगे ही। जनप्रतिनिधि का यह कर्तव्य भी है और अधिकार भी कि वह संबंधित अधिकारियों के आगे लोगों की शिकायतें रखें। अफसरों के लिए बाध्यकारी है कि वे जनप्रतिनिधियों को सम्मान के साथ सुनें। समस्या अगर सही है तो उनका निराकरण करे और अगर गलत है तो उनके आगे विनम्रता से अपना पक्ष रखे। यह मानकर चलना सही नहीं है कि जनप्रतिनिधि हमेशा गलत ही होते हैं। आम जनता से सीधा संवाद न होने के कारण अक्सर अफसरों के पास उनके अधीनस्थों के माध्यम से एकांगी और पूर्वग्रहग्रस्त सूचनाएं ही पहुंचती हैं। जनता का प्रतिनिधि जनता के बीच से आता है। संभव है कि उसके पास कुछ ऐसी जानकारियां हों जो उस तक नहीं पहुंची या पहुंचने ही नहीं दी गईं। उनकी बात सुनकर उनकी छानबीन कर लेने में कोई हर्ज़ नहीं ! कई बार इनसे सत्य भी उद्घाटित हो सकता है।
दोस्तों, विरोध करने के पहले किसी तथ्य की जानकारी भी प्राप्त कर लें ! विरोध के ज़ुनून में कृपया देश की लोकतांत्रिक मर्यादाओं की जड़ों पर चोट करने से बचें !

Courtesy: Dhruv Gupt

The Exemplary Educational Reward

Dr. Rumki Gupta, Eminent Scientist, Psychology Research Unit, Indian Statistical Institute, Kolkata, India has achieved the mindboggling academic cognizance in International Conference on Interdisciplinary Research and Technological Developments, which has taken place on 28th October, 2017 at Hotel Shambala in Kathmandu, Nepal.

Read more ...
 

DEMONETISATION 2016

On November  8th 2016  our Honourable Prime Minister Narendra Damodardas MODI    urf MODIji made a great announcement of “ Chalanbandi “, “ Vimudrikaran “   “ DEMONETISATION  ”.  And from Nov. 9th to Dec 30th he put a BAN on all 500 and 1000 notes.PM Modiji announced on Nov 8th that the high value currency

Read more ...
 

हमसे नज़रिया काहे फेरी हो बालम !

पिछली रात दिल का दौरा पड़ने से देश की महानतम शास्त्रीय गायिकाओं में एक 88-वर्षीय गिरिजा देवी का पिछली रात निधन भारतीय संगीत प्रेमियों के लिए सदमें जैसा है।कल तक वे अपनी पीढ़ी की अंतिम जीवित गायिका थीं। बनारस घराने की इस विलक्षण गायिका को ठुमरी और दादरा जैसी उपशास्त्रीय और लोक गायन की शैलियों को लोकप्रियता का शिखर देने का श्रेय जाता है।

Read more ...
 
Go to top