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उत्तर प्रदेश के बाबा राघव दास (BRD) अस्पताल मै ठेकेदारने ऑक्सीजनकी सप्लाई रोकनेसे हुई लगभग 70 बच्चोंकी मृत्यु ये सिर्फ सरकार और नौकरशाहोंद्वारा की गई हत्याए नही बल्की सामूहिक नरसंहार (Genocide) है.

युपी के गोरखपुरमै जहॉ ये हादसा (नरसंहार) हुआ है वह सी.एम. योगी का चुनावी भाग है. जिले के

कलेक्टरके रिपोर्ट के बावजूद सी.एम. योगी दावा कर रहे है की ये मौते ऑक्सीजनकी सप्लाई रोकनेसे नही हुई है. *झुठे बोल और बार बार झुठे बोल* इस संघ की नीती के अनुसारही योगी ऐसे दावे कर रही है.

केंद्र सरकार और राष्ट्रपतीने ऐसे खुनी सरकारको फौरन बरखास्त करना चाहिये. योगीसे फौरन इस्तिफा ले लेना चाहिये और राज्य के स्वास्थ्य और मुख्य सचिव को तत्काल निकाल देना चाहिये. सिर्फ कॅबिनेटपर इसकी जिम्मेदारी डालकर नही होगा. नौकरशाहोंपर - सचिवोंके उपर सख्त कारवाई होनी चाहिये.

यह सरकार पुरस्कृत नरसंहार हमे लॅटिन अमेरिकाके क्युबा जैसे छोटेसे देशकी याद दिलाता है जहॉ फिडेल कॅस्ट्रोने 60 साल पहले सत्ता हासिल करके अमेरिकाके कडे विरोधके सामने न झुककर क्युबामै समाजवादी कम्युनिष्ट क्रांती की. सत्तामै आते ही देशके सारे स्कुल्स, कॉलेजेस, बॅंक और अस्पतालोंका सरकारीकरण (Nationalization) किया गया. प्रायव्हेट स्कूल्स, कॉलेज और सारे अस्पताल सरकारने अपने हातोंमै ले लिए. इसके बाद देशकी सभी जनताके लिए ये सारे स्कूल्स, कॉलेजेस, अस्पताल मुफ्त किए गये. KG टू PG शिक्षा मुफ्त हो गयी. क्युबाके सरकारी मेडिकल कॉलेजोंसे बाहर निकले डॉक्टर्स दुनियाके बेहतरिन डॉक्टर्स मै से एक है. क्युबाके वैद्यानिकभी कृषी क्रांती के लिए जाने जाते है. बॅंकिंग प्रणाली का सरकारीकरण करके सभी ग्रामिण इलाकोंमै गरिबोके लिए बॅंकिंग सेवाए लायी गयी. सभी करोंको (All direct & indirect taxes) घटा दिया गया. भ्रष्ट नौकरशाहोंके उपर कडी कारवाई शुरु की गई. जनताने भरे टॅक्स का अधिकाधिक हिस्सा सही रुपमै जनताकी सेवामै लगा दिया गया. ऐसी महान क्रांती करनेकी वजहसे क्युबामै फिडेल कॅस्ट्रो की ही सरकारको जनताने हमेशा चुना.

महाराष्ट्र के शिवाजी युनिव्हर्सिटीके कृषी वैद्यानिक श्री. अधिकराव जाधव को क्युबन सरकारने अपने संशोधन के बारेमै बताने के लिए कई बार बुलाया था. आनेके बाद उन्होंने विस्तारसे अखबारोंमै लिखकर क्युबन कम्युनिष्ट क्रांतीकी तारीफ की. राष्ट्राध्यक्ष की गाडी एक सामान्य व्यक्ती की तरह बिना ट्रॅफिक रोके जाती थी. VIP कल्चर नही था. सात सालतक के सारे बच्चोंको सरकार मुफ्तमै दूध देती थी (इसके बाद अल्प शुल्क मै) देशभक्तीके सही पैमाने वहाकी जनताके दिल के अंदर है.

खुंखार अमेरिका और सी.आय.ए. इससे बोखला गई और फिडेल को मारनेके 600 से ज्यादा प्रयास किये. फिडेल के सबसे करीबी युवा नेता *चे गव्हेरा* को बोलिव्हिया के जंगलोंमै सी.आय.ए. की मददसे आर्मीने मार दिया (ये वही चे गव्हेरा है जिनके नामके टी शर्टस दुनिया भर मै युवा अभिमानसे पहनते है)

ऐसी समाजवादी और कम्युनिष्ट क्रांतीको देखभर स्वीडन, व्हिएतनाम जैसे कई देशोंने शिक्षा व स्वास्थ्य का सरकारीकरण किया. भारत मै भी ये सभी संभव है. लेकिन कॉंग्रेस-बीजेपी-नौकरशाहोंकी मिलिभगत हटानी होगी. भ्रष्ट नौकरशाहोंपर (IAS IPS) सख्त कारवाई होनी चाहिये. केरल और पश्चिम बंगालके कम्युनिष्टोंने तो समाजवादी और कम्युनिझम के विचारोंसे गद्दारी ही की है. त्रिपुराके माणिक सरकारभी कुछ खास बदल नही ला सके है. ऐसे गद्दारोंको रोकने के लिए महान इतिहास संशोधक कॉ. शरद पाटील ने सत्यशोधक कम्युनिष्ट पार्टी की स्थापना की.

*बार बार झुठ बोलकर, जाती धर्मके नाम पर दंगा फसाद करके और अच्छे दिनकी अफीम पिलाकर* सत्ता मै आयी
सरकार को हटाकर जनहित देखने वाली सरकारही सच्चे
नौकरशाहोंके साथ मिलकर पारदर्शितासे स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी सारी सुविधाए मुफ्त या अल्प शुल्क मै पुरे देशमै लागू की जा सकती है. इतने प्रकार के लगभग हर चीज और सेवा पर टॅक्स लेकर देश मै इन दोनो बडी पार्टीयोंने गद्दार नौकरशाहोंसे मिलकर देशमै टॅक्स टेररिझम लागू किया है. इसे खत्म करके सभी स्कुल्स कॉलेज अस्पताल मै मुफ्त मै सारी सुविधाए अच्छी क्वालिटीमै दी जा सकती है.

मौजूदा सरकार ये सब नही कर सकती तो उन्हे घर बिठाओ और हमारे हाथ मै सत्ता दो, क्युबा से बडी क्रान्ती करके दिखाएंगे !!

पत्थर से दिल लगाया और दिल पे चोट खाई !

यह संवेदनहीनता की इन्तेहा ही थी।बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में छेड़खानी की लगातार बढती घटनाओं और इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन की मूढ़ता और उदासीनता से परेशान विश्वविद्यालय की सैकड़ों लडकियां अपनी फ़रियाद सुनाने के लिए विश्वविद्यालय के गेट पर खड़ी दो दिनों के बनारस दौरे पर गए अपने सांसद और देश के प्रधानमंत्री मोदी की बाट जोहती रही।

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